वन कहाँ पाये जाते है तथा वन के प्रकार (Van kahan paye jate hai ,van le prakar in hindi)


प्राकृतिक वन किसे कहते है ( Prakritik Van kise kahate hai)-

पेड़-पौधों का समूह जो मानव द्वारा या स्वयं अपने आवश्यक भोजन को लेकर धरातल पर उग जाते है और एक विशाल ऊँचे , सघन पेड़ क्षेत्रों का निर्माण करते हैं ,  प्राकृतिक वन कहते हैं। या प्राकृतिक वनस्पति कहते हैं। 
प्राकृतिक वन या वनस्पति  कई प्रकार के होते है । लेकिन वास्तव अर्थ बड़े पेड़-पौधों और उनकी सघनता से ही लगाया जाता है
Van kahan paye jate hai, van ke prakar in hindi


एक अच्छे वनों के  विकास के लिए  आवश्यक तत्व-

1.तापमान-  

पेड़ पौधों को एक ऊँचे तापमान की जरूरत होती है । इसे 30- 45 डिग्री का अच्छा तापमान चाहिए होता है । एक अच्छे तापमान से पेड़  के पत्तो के आंतरिक लेयर में क्लोरोफिल के कारण  प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) से कार्बोहाइड्रेट का निर्माण करते हैं। प्रकाश नह हो तो पत्ते पीले पड़ जाते है । 

2.जल(Water)-

कुछ पेड़ ज्यादा पानी लेते तथा कुछ पेड़ कम पानी लेते है । जैसे बबूल, काँटे वाले पेड़ , मोटी तथा छोटी पत्ती वाले पेड़ जो रेगिस्तानी इलाके में पाए जाते है । लेकिन अच्छे पेड़ को तो खूब पानी चाहिये । जैसे सदाबहारी वन ।


3. मिट्टी(Soil)- 

पेड़ पौधों के लिये हल्की काली  तथा हल्का दोमट मिट्टी अच्छा उपयुक्त होता है । इन मिट्टियोंके पेड़ों की जड़े मजबूती  से पकड़े रहती है। और पेड़ो का विकाश भी होती है । 



प्राकृतिक वन कितने प्रकार के होते है (Types of Natural Forest)

प्राकतिक वन विरल भी होते हैं और सघन भी ।लेकिन वन  का वास्तविक अर्थ तो सघन वनों से लगाया जाता है ।  और इनमे अधिकतर पेड़ काफी ऊँचे होते है । इनके रूप,रंग गुड़ और क्षेत्र के आधार पर निम्नलिखित भागों में बांटा गया है ।

1. उष्णकटिबंधीय वन(Tropical Forest)

(i) उष्ण सदाबहार वन(Ever Green Forest)
(ii) मरुस्थलीय वन या कटीले वन(Desert Forest)
(iii)  अर्ध मरुस्थल वन (Half Desert Forest)
(iv) पर्णपाती वन(Deciduous Forests)
(a) आर्द्र पर्णपाती वन (Wet deciduous forest)
(b) शुष्क पर्णपाती वन (Dry deciduous forest)

2.शीतोष्ण कटिबंधीय वन(Temperate forest)

(i) उपोष्ण या शीतोष्ण  पर्णपाती वन (Temperate deci duous forest)
(ii)  शीतोष्ण सदाबहार वन ( Temperate Evergreen)

3. पर्वतीय वन (Mountain forest)




1. उष्णकटिबंधीय वन(Tropical Forest)-

इस प्रकार के वन के अंदर वे सभी आते है जो ऊपर दिया गया है। इसका विस्तार क्षेत्र 23.5 उत्तरी तथा दक्षिणी अक्षांश में फैला है । यह गर्मियों वाले वन है । यह पृथ्वी का गर्म वाला क्षेत्र है । 


(i) सदाबहार वन(Ever Green Forest)- 

इवर ग्रीन का  अर्थ है सदैव जो जंगल हरे- भरे रहते है । कहने का अर्थ है कि इसके पत्ते झड़ते है लेकिन एक साथ नही  झड़ते । उसके जगह दूसरा पत्ता तैयार हो जाता है इसप्रकार इन पेड़ों की हरियाली बनी रहती है । इस प्रकार के जंगल विषुवत रेखा पर सबसे अधिक है । विषुवत रेखीय क्षेत्रों में तापमान अधिक और लंबवत होता है । और इन वनों के क्षेत्र में 200 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा होती है ।

* वर्षा को मापने के लिए वर्षामापी यन्त्र का प्रयोग किया जाता है । यह मुख्यतः दो प्रकार की होती है।  1.Manual Raingauge meter

2. Self Raingauge meter 
 यह एक गोलनुमा यन्त्र होता है ।इसे  खुले स्थानों पर रख दिया जाता है । जब बारिस होता है तो इसमें इकट्ठा हो जाता है । और जितना इसमे पानी भरा होता है। उस हिसाब से उसका रीडिंग कर लिया जाता है।
* 1 meter Square पर यदि 10 liter बारिस हो तो उसे 10 milimeter बारिस कहते है ।

सदाबहार वन कहाँ पाये जाते है ?  सदाबहार वन भारत के पश्चिमी घाटों के किनारे किनारे तथा भारत के पूर्व में हिमालय से सटा क्षेत्र  और अरुणाचल प्रदेश का इलाका ,उत्तरी अमेरिका , कनाडा , साइबेरिया ,दक्षिणी चीन , दक्षिण-पूर्वी ब्राजिल ,लेबनान, मरक़्क़ो , प्रशांत उत्तरी-पश्चिमी आदि ।


सदाबहार वाले पेड़  कौन कौन से है ( Sadabahar vale van kaun kaun se hai) - 

सदाबहार वाले वन निम्न है । 
1. रोजवुड 
2. रबर के पेड़
3.देवदारु के वृक्ष
4. यूकेलिप्टस
5. सागौन 
6. बरगद 
7. मैग्नोलिया
8.एवरग्रीन ओक आदि ।


(ii) मरुस्थलीय वन या कटीले वन(Desert Forest)-

इन वनों को मरुस्थलिय वन इसलिए कहा जाता है  क्योंकि यह रेतीले और लाल मिट्टी  में पाये जाते है । और पानी के कमी के कारण इनकी पत्तियां छोटी और मोटी होते है । जिससे वह  पेड़ अपने अंदर  पानी को स्थिर बनाये रखते है । 
यह राजस्थान , पंजाब , हरियाणा , उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्रों में पाए जाते है ।
Van kahan paye jate hai, van ke prakar in hindi

मरुस्थलीय वन के वृक्षो के नाम-

1. बबूल
2. नीम
3.पीपल