Bharat ke 15 vanyajiv abhyarany in hindi

1. गिर अभ्यारण्य (गुजरात)-

गिर अभ्यारण्य  बाघ के साथ -साथ शेर के लिए भी प्रसिद्ध है । क्योंकि पूरे भारत की यही बात करे तो बहुत कम शेर बचे है । और जो भी है यही गिर अभ्यारण्य में ही बचे हुये है । इन एशियाई शेर के  गर्दन के नीचे झूलती मांस अफ्रीकी शेरो से अलग करती है ।
गिर अभ्यारण्य गुजरात के दक्षिणी-पश्चिमी क्षेत्रों में स्थित है । जहाँ इन शेरों के राज है । इस समय इनकी संख्या 500 से भी अधिक है । गिर अभ्यारण्य 1,412 वर्ग किमी में फैला है । गिर अभ्यारण्य की राजकोट से दूरी 160 किलोमीटर तथा अहमदाबाद से दूरी 325 किलोमीटर है । यह अहमदाबाद और राजकोट के पश्चिम-दक्षिण में बसा हुआ है । 
यहाँ राष्ट्रीय उद्यान(National Park)   258 वर्ग किलोमीटर और अभ्यारण्य(sanctuary)1153 वर्ग कीलोमिटर दोनों एक ही में स्थित है ।यह गिर सोमनाथ जिले ,अमरेली और जूनागढ़ क्षेत्र में फैले हुए हैं।

यहाँ जब शेरो को शिकार नही मिलता है तो यह गाँव के इलाके में भी चले जाते हैं । और उनके मवेशियों के शिकार करते है। 

2. पीलीभीत अभ्यारण्य(उत्तर प्रदेश) - 

पीलीभीत अभ्यारण्य(Pilibhit Sanctuary) उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में स्थित है । इस क्षेत्र को टाइगर रिज़र्व क्षेत्र कहते है । 
इसकी सीमा उत्तराखंड और नेपाल से सटा हुआ है। जिसका क्षेत्रफल 730 वर्ग कीलोमिटर है । पीलीभीत में चीतल, हिरन, साम्भर, जंगली सुवर, नीलगाय  आदि काफी संख्या में मिलते हैं। उत्तर प्रदेश के गाँव के इलाके में साम्भर और नीलगाय काफी देखे जाते हैं।
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3.मानस अभ्यारण्य (असम)-

मानस अभ्यारण्य असम में स्थित है जो भूटान के सिमा  से सटा हुआ है ।यह भारत का पूवोत्तर राज्य है। इसके जँगलो से बेकी(Beki)  नदी बहती है । जो ब्रम्हपुत्र  नदी की सहायक नदी है । सहायक का अर्थ है ब्रम्हपुत्र नदी से मिलती हुई आगे बढ़ी है । मानस अभ्यारण्य का क्षेत्रफल 950 वर्ग कीलोमिटर में फैला है । असम की राजधानी दिसपुर से मानस अभ्यारण्य की दूरी 140 किलोमीटर है । यह बंगाल टाइगर ,हाथी और गैंडा के लिए विशेष रूप से रिज़र्व अभ्यारण्य है ।जो हिमालय से सटा हुआ है।

4.रणथम्भौर अभ्यारण्य (राजस्थान)-

रणथम्भौर (Ranthambhaur) अभ्यारण्य राजस्थान  के राजधानी जयपुर के दक्षिण-पूर्व 190 किलोमीटर के दूरी पर स्थित हैं। और यह सवाई माधोपुर जिले में इसके दक्षिण क्षेत्र में  14 किलोमीटर की दूरी पर  स्थित है।  राजस्थान के इस क्षेत्र में  टाइगर ,हाथी , चीता, लकड़बग्घा, सियार, जंगली सूअर, मगरमच्छ,  हिरन  और थोड़ा बहुत साम्भर ,जँगली भैंस आदि का निवास है ।


5.पलामू अभ्यारण्य (झारखंड)-

पलामू अभ्यारण  झारखंड के राजधानी राँची से 170 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । यहाँ बहुत कम संख्या में टाइगर बचे है  जिन्हें सुरक्षित रखने के लिए  1973 में पलामू अभ्यारण्य का दर्जा प्राप्त हुआ। यह पलामू जिले में स्थित है । यहाँ मुख्यतः बाग ,हाथी ,चीतल, सांभर ,तेन्दुआ आदि जन्तु शामिल है ।