ब्रम्हांड क्या है इसकी संरचना

 पृथ्वी  तथा पृथ्वी  बाहरी क्षेत्र आदि सभी  ब्रम्हांड  के अंतर्गत आते है ब्रम्हांड का कोई अंतिम छोर नही है यह अनन्त है।
यह अनन्त है  इसमें अनेक आकाश गंगा (Milkway)या मंदाकिनी(Galaxy) सामिल है। तारो के विशाल समूह को ही  Milkway या Galaxy कहते है।
ब्रम्हांड में किसी भी     चीज को चाहे वह तारे या ग्रह  हो की दूरी प्रकाशवर्ष में मापते है । 
प्रकाशवर्ष =सूर्य की प्रकाश  चाल के बराबर चाल होता है।
अर्थात 1 सेकण्ड में प्रकाश 3*10^8मीटर चल जाता हैं तो 1 प्रकाशवर्ष में भी उतनी दगा। 
ब्रम्हांड में  तारामंडल ,सौरमण्डल(सभी सूर्य परिवार) , क्षुद्रग्रह, धूमकेतु तथा उल्का  आदि प्रमुख हैं



तारामंडल

तारामंडल का तात्पर्य  बहुत तारो के समूह को ही तारामंडल कहते हैं ।उनके समूह के आधर पर उनका नामकरण किया गया है। ब्रम्हांड में सभी चीजों का आसानी से पता लगाना बहुत कठिन काम है अभी तक 88 का पता चल पाया है। जिसमे सेण्टआरस  सबसेे बड़ा है।  इसमे जैसे हाइड्रा ,उर्सा, मेेेजर आदि हैं।
सूर्य भी एक तारा है 

तारो के प्रकार

यदि देखा जाए तो तारो का निर्माण  गैस रूपी बदल से होता है क्योंकि अन्तरिक्ष में वायु नही वाया जाता है जिससे गैस के बादल एक आकृति में स्थिर होते है और उनमें से ऊर्जा का उत्सर्जन होता रहता है तारे भी छोटे-बड़े होने के साथ -साथ उनकी प्रकाश उत्सर्जन क्षमता तथा अनेक घटनायें  होती है।

  1. साइरस-साइरस एक चमकीला  तारा है।  साइरस पृथ्वी का निकटतम तारा भी है  प्रत्येक तारे में अपना स्वयं का प्रकाश होता है। यह  प्रकाश उत्सर्जन की क्रिया नाभिकीय संलयन पर होती है  जिसमे हीलियम एवं हाइड्रोजन सामिल होते है। सौरमण्डल में He एवं H की मात्रा ज्यादा है । 
  2. लाल दानव- इसमे hydrogen की कमी हो जाने के कारण इस तारे की बाहरी भाग लाल हो जाता है इस लिए इसे लाल दानव का नाम दिया गया है।
  3. श्वेत वामन तारा- इसके अंतर्गत वे तारे आते है जिनका द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान के बराबर हो जाता है।ऐसी तराये श्वेत वामन कहलाती है।
  4. कृष्ण छिद्र (Black hole)- ब्लैकहोल ताराओं से तात्पर्य यह है कि जिनमे कला धब्बा हो। इसे ही ब्लैकहोल का नाम दिया गया है। इसके छिद्रो का गुरुत्वाकर्षण इतना अधिक होता है कि इसमें से प्रकाश भी नही जा पाता।
  5. नोवा(Nova)  तथा सुपरनोवा(Supernova)-   प्रकाश की चमक को एक quality में व्यक्त करते है कि कोई प्रकाश कितना ज्यादा या कितना काम चमक रहा है  इस प्रकार 10-25 तक चमकने वाले तारे को nova  तथा 25-अधिक वाले को super nova कहते है।
  6. ध्रुव तारा - ध्रुव तारा भी सभी तारों की तरह है पृथ्वी के ज्यादे नजदीक होने के कारण यह थोड़ा  अधिक चमकीला दिखायी देता है। 
सौरमण्डल की संरचना

सौरमंडल में सूर्य सभी ग्रहों का केंद्र है सूर्य अपने केन्द्र में स्थिर होकर  घूर्णन गति करता है जबकि उसके चारों तरफ़ सभी ग्रह अपने केन्द्र पर घूमने के साथ -साथ सूर्य के चारो ओर भी चक्कर लगाते है।  इस समय इसमे 8 ग्रह ही है प्लूटो का आकार बहुत छोटा होने के कारण इसे इसमे सामिल नही किया गया है ।
ग्रह क्या है (What is Planet)

सूर्य की चक्कर या परिक्रमा करने वाले पिंड को ग्रह कहते है । यदि ब्रम्हांड में से तारो को निकाल दिया जाये तो पूरा ब्रम्हांड बर्फ हो जाएगा ।  सूर्य के नजदीक वाले ग्रह अधिक तापमान के होते है जबकि अधिक दूरी वाले अधिक ठण्ड के होते है ।

उपग्रह क्या होते है ( what is satellite)
जो पिंड ग्रहो का  चक्कर लगाते है वह उपग्रह कहलाते है चाहे वह पृथ्वी से छोड़ा गया कोई racket हो या चंद्रमा । ग्रह या उपग्रह में अपना कोई प्रकाश नही होता है।

ग्रहों के प्रकार
  • बुद्ध(Mercury)-  यह ग्रह सबसे छोटा तथा  सूर्य के नजदीक का तारा है 
  1. इसका कोई उपग्रह नही है
  2. यह अपने धूरी मतलब केन्द्र बिंदु पर  लगभग 59 दिनों में एक चक्कर पूरा कर पाता  है।
  3. बुद्ध बहुत छोटा और सूर्य का चक्कर 88 दिन में पूरा करता है। 
  • शुक्र(Venus)- यह सूर्य  से दूसरे नम्बर पर आता है 
  1. यह अपनी धुरी पर  लगभग 243 दिन में में जाकर  एक चक्कर पूरा करता है 
  2. जबकि सूर्य की कक्षा को 225 दिन में पूरा करता है
  3. इसके वातावरण में  कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा 98% पाया जाता है
  4. शुक्र ग्रह चमकदार ग्रह है तथा चमकीला  (चमकदार) इस लिए कहते है क्योंकि यह ग्रह लगभग आधे से ज्यादा सूर्य के प्रकाश को परावर्तित कर देता है।
  • पृथ्वी (Earth)- 
  • पृथ्वी  ही जीवन का एक  मात्रा ग्रह है । जिसपर मानव निवास करते है।
  1. पृथ्वी  अपने धूरी पर पश्चिमी से पूरब की दिशा की ओर गति केवल 23 घण्टे 56 मीनट 4 सेकण्ड में पूरी कर लेती है। 
  2. सूर्य के चारो ओर 365या 366 दिनों में पूरी करती है। 
  3. पृथ्वी अपने  केन्द्र  बिंदु से 23.5डिग्री के angle पर झुकी हुई है।
  • मंगल(Mars)-
  • मंगलग्रह लाल रंग का दिखाई देता हैं यह इसलिए क्योंकि इसकी सतह (जमीन में)आयरन ऑक्साइड की मात्रा की अधिकता  है । इसलिए यह लाल दिखाई देता है।
  1. यह ग्रह अपनी धुरी पर 24.5घंटे में एक चक्कर पूरा कर लेती है
  2. इसके सतह के तापमान -87डिग्री से -5डिग्री तक होता है। 
  3. यह सूर्य की परिक्रमा 686 दिन में पूरा करता है।
  • बृहस्पति(Jupiter)-यह सबसे बड़ा ग्रह है 
  1. यह अपनी धुरी (अपने केंद्र बिंदुपर)  9 .7घंटा में  एक चक्कर पूरा कर लेता  है 
  2. यह ग्रह सूर्य का एक  चक्कर 11वर्ष 315 दिन 1 घण्टे में पूरी कर  पाती है ।
  3. इसकी सतह का तापमान -110 तथा इसकी भीतरी तापमान 25000 डिग्री तक भी होता है ।
  4. इसके उपग्रहों की संख्या लगभग 66 है।

  • शनि(Saturn)- 
  • शनि ग्रह अपनी धुरी पर 10.2घंटे में ही पूरा करता है ।तथा सूर्य का चक्कर 29.5 वर्ष में पूरा कर पाता है। इसका एक सबसे बड़ा उपग्रह  टाइटन है इसके सतह के तापमान -139से-170डिग्री तक होता है। 
  • अरुण(Uranus)-
  • अरुण ग्रह के खोजकर्ता विलियम हर्शेल है ।यह अपनी धूरी ओर 10.8 घंटे में 1चक्कर लगाता है। तथा सूर्य का एक चक्कर 84 वर्षो में पूरा करता है।यह पूरब से पश्चिमी की ओर गति करती है।